Home World Flights Hotels Shopping Web Hosting Education Pdf Books Live TV Music TV Kids TV FilmyBaap Travel Contact Us Advertise More From Rclipse

NIC से पूछा- आरोग्य सेतु की वेबसाइट कब डिजाइन हुई और आपके पास ऐप बनाने की जानकारी क्यों नहीं?

1 month ago 10

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स मिनिस्ट्री, नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (NIC), सेंट्रल पब्लिक इन्फार्मेशन अफसर (CPIOs) और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) को कारण बताओ नोटिस भेजा है। CIC ने पूछा है कि आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ी RTI का अस्पष्ट जवाब देने और सूचना में रुकावट डालने के लिए आप पर RTI एक्ट के तहत जुर्माना क्यों ना लगाया जाए?

कोई जानकारी नहीं तो वेबसाइट gov.in डोमेन से कैसे बन गई- CIC

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, CIC ने NIC से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जिस आरोग्य सेतु वेबसाइट का उसने जिक्र किया है, उसका प्लेटफॉर्म कब डिजाइन और डेवलप किया गया। NIC को यह कब मिला और इसके बावजूद NIC के पास आरोग्य सेतु ऐप बनाने के बारे में कोई जानकारी क्यों नहीं है?

सूचना आयुक्त वंजना एन सरना ने CPIOs से भी जवाब मांगा है कि अगर आपको कोई जानकारी नहीं है तो वेबसाइट https://aarogyasetu.gov.in/ को gov.in डोमेन के साथ कैसे बनाया गया? सरना ने कहा कि कोई भी CPIOs इस बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे पाया कि ऐप किसने बनाई, फाइलें कहां हैं? और यह सब बेहद हास्यास्पद है।

RTI के जवाब में NIC ने कहा था- हमारे पास जानकारी नहीं

आयोग ने CPIO एसके त्यागी, इलेक्ट्रॉनिक्स के डिप्टी डायरेक्टर डीके सागर, एचआर और एडमिन के सीनियर जनरल मैनेजर आरए धवन के अलावा NeGD को नोटिस भेजा है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि वो 24 नवंबर को बेंच के सामने पेश हों और बताएं की उनके खिलाफ RTI एक्ट के सेक्शन 20 के तहत जुर्माना क्यों ना लगाया जाए।

CPIOs से कहा गया है कि वो उन दस्तावेजों की कॉपी भी भेजें, जिनके आधार पर वो जवाब देंगे। सुनवाई से 5 दिन पहले ये दस्तावेज भेज दिए जाए। आयोग ने कहा कि अगर कोई दूसरा व्यक्ति भी इस चूक के लिए जिम्मेदार है तो CPIO उसे हमारे ऑर्डर की कॉपी भेजे और उसे भी बेंच के सामने पेश होने का निर्देश दे।

आयोग ने यह नोटिस सौरव दास की शिकायत पर भेजा है। उन्होंने आयोग से कहा था कि संबंधित मंत्रालय और विभाग आरोग्य सेतु ऐप के बनने की प्रक्रिया और दूसरी जानकारियां देने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा था कि NIC को भेजी गई RTI के जवाब में कहा गया था कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है और यह बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि यही तो इस ऐप के डेवलपर हैं।

राहुल ने कहा- डाटा और निजता को लेकर चिंता गंभीर

राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि आरोग्य सेतु ऐप जासूसी करने का सिस्टम है और इसे बिना किसी संस्थान की निगरानी के प्राइवेट ऑपरेटर को सौंप दिया गया है। यह डाटा और निजता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। तकनीक हमें सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है, पर इसका भी डर है कि इसका फायदा बिना किसी नागरिक की मंजूरी के उसे ट्रैक करके उठाया जाए।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें CIC ने NIC से पूछा है कि आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ी RTI का अस्पष्ट जवाब देने के लिए आप पर RTI एक्ट के तहत जुर्माना क्यों ना लगाया जाए?
Read Entire Article