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सीएम आवास पर बैठक में 102 विधायकों के पहुंचने का दावा, इनमें 98 कांग्रेस के; पायलट समेत 18 एमएलए मीटिंग में नहीं पहुंचे

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राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास परविधायक दल की बैठक जारीहै। इसमें कांग्रेस की तरफ से102 विधायकों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है।इनमें 98 कांग्रेस और4 निर्दलीय हैं। वहीं, सचिन पायलट समेत 18 विधायक मीटिंग में शामिल नहीं हुए। रविवार देर रात पार्टी ने व्हिप जारी कियाथा। इसके मुताबिक, यदि कोई विधायक बिना किसी विशेष कारण के गैरहाजिररहेगातो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, जो विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए, उनमें राकेश पारीक, मुरारी लाल मीणा, जीआर खटाना, इंद्राज गुर्जर, गजेंद्र सिंह शक्तावत, हरीश मीणा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, भंवर लाल शर्मा, इंदिरा मीणा, विजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा, रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, रामनिवास गावड़िया, मुकेश भाकर और सुरेश मोदी हैं।

#WATCH Rajasthan: Chief Minister Ashok Gehlot, Congress leaders and party MLAs show victory sign, as they gather at CM's residence in Jaipur.

The Congress Legislative Party meeting has begun. pic.twitter.com/FowLM7CAGA

— ANI (@ANI) July 13, 2020

रविवार शाम डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दावा किया थाकि 30 कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में हैं और राज्य की गहलोत सरकार अल्पमत में है। इसके साथ पायलट ने मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत से मनमुटाव को भी स्पष्ट कर दिया।कहा कि वे विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, राजस्थान कांग्रेस के इंचार्ज अविनाशपांडे ने दावा किया कि हमारे पास 109 विधायकों के समर्थन पत्र हैं। गहलोत सरकार बहुमत में है।

सरकार से जुड़े बड़े अपडेट्स...

रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं। किसी तरह का कोई मनमुटाव है तो पार्टी अध्यक्ष और आलाकमान से बात कर सकते हैं। सचिन पायलट प्रदेश में पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे के सामने अपनी बात रख सकते हैं। पायलट जयपुर आने का समय भी बता सकते हैं। बैठक में उनका इंतजार रहेगा। भाजपा को जब प्रजातंत्र की हत्या करनी होती है तो 3 विभाग इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई आगे आ जाते हैं।चाहे भाजपा चाहे कितनेभी प्रपंच रचे,राजस्थान सरकार और विधायकों को नहीं खरीद पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट आज नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। कांग्रेस के एक तिहाई विधायकों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। इस तरह प्रदेश में तीसरे मोर्चे का गठन हो सकता है। ‘प्रगतिशील कांग्रेस’ के नाम से तीसरा मोर्चा खड़ा करने की संभावना है। सोमवार को ही सीएम गहलोत के करीबी दो कांग्रेस नेताओं धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा के जयपुर, कोटा, दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों परआयकर विभाग ने छापा मारा। राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा- पायलट से बात करने की कोशिश की, मैसेज भी किया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। वे पार्टी से ऊपर नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने न्यूज एजेंसी से कहा किसचिन पायलट अब भाजपा में हैं। कांग्रेस को लेकर भाजपा का क्या रुख है, यह सबको पता है। इसमें हमें भाजपा से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं हैं। कांग्रेस में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है। बाद में ट्वीट किया कि मुझसे सिंधिया को लेकर सवाल किया गया था। सिंधिया की जगह पायलट का नाम निकल गया। गलती से ऐसा हो गया। पायलट के भाजपा में आने की संभावनाओं पर राजस्थान में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि सचिन पायलट का भाजपा में स्वागत है। पूरी लड़ाई की जड़ कांग्रेस की आपसी कलह है।

एसओजी के नोटिस के बाद से पायलटनाराज
दरअसल, पायलट विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही एसओजी कानोटिस मिलने के बाद से नाराज हैं। उन्हें कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। इस बीच, सीएम गहलोत ने रविवार रात 9 बजे विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद गहलोत समर्थक विधायक ने दावा किया कि हमारे जितने विधायक जाएंगे, उससे ज्यादा विधायक हम भाजपा से ले आएंगे।

पूरे विवाद के बीच दिल्ली गए तीन विधायकों की सीएम हाउस में प्रेस वार्ता
दिल्ली गए कांग्रेसी विधायकदानिश अबरार, चेतन डूडी और रोहित बोहरा ने जयपुर लौटकर कहा कि वे निजी कारणों से दिल्ली गए थे। अगर मीडिया कहता है कि हम इस वजह से वहां गए, या उस वजह से वहां गए.. तो ये हमारी समस्या नहीं है। हम किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे।

देर रात मुख्यमंत्री आवास में खाने पर 115 विधायक पहुंचने कादावा
मुख्यमंत्री गहलोत ने रविवार रात सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों को सरकारी आवास परखाने पर बुलाया। कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। करीब 115 विधायक इस रात्रि भोज में शामिल हुए।

क्या कहता है समीकरण
पायलट का दावा है कि उनके संपर्क में 30 से ज्यादा विधायक हैं। इसे सही मानें तो गहलोत सरकरा अल्पमत में आ जाएगी। कांग्रेस के 107 में से 30 विधायक इस्तीफा देते हैं तो सदन में विधायकों की संख्या 170 हो जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए 86 विधायकों की जरूरत होगी। 30 के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास 77 विधायक बचेंगे। एक आरएलडी विधायक पहले से उनके साथ है। कांग्रेस की कुल संख्या 78 होगी। यानी बहुमत से 8 कम। उधर, आरएलपी के 3 विधायक मिलाकर भाजपा के पास 75 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए भाजपा को निर्दलीय तोड़ने होंगे। प्रदेश के 13 विधायकों में फिलहाल 10 कांग्रेस समर्थक हैं। अगर इसमें से भाजपा 8 विधायकअपनी तरफ कर ले तो सरकार बना सकती है।

एसओजी जांच में सामने आई विधायकों को 25 करोड़ देने की बात

एसओजी के अनुसार उसने अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी से जुड़े मामले में मोबाइल नंबर 9929229909 और 8949065678 को सर्विलांस पर लिया हुआ था। सर्विलांस पर लिए गए मोबाइल कीबातचीत में सामने आया है कि राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार गिराने की साजिश रची गई थी। विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए देने की जानकारी भी सामने आई है। विधायकों को पैसा देने के मामले में एसीबी ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें महुवा से ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर किशनगढ़ से सुरेश टांक औरपाली मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह शामिल हैं।

राजस्थान विधानसभा की मौजूदा स्थिति: कुल सीटें:200

पार्टी विधायकों की संख्या
कांग्रेस 107
भाजपा 72
निर्दलीय 13
आरएलपी 3
बीटीपी 2
लेफ्ट 2
आरएलडी 1

राजस्थान की विधानसभा में दलीय स्थिति को देखें तो कांग्रेस के पास 107 विधायकों का समर्थन है। इसके अलावा, सरकार को 13 निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकदल के विधायक का भी समर्थन है।गहलोत सरकार के पास 121 विधायकों का समर्थन है।उधर,भाजपा के पास 72 विधायक हैं।बहुमत जुटाने के लिए कम से कम 29 विधायक चाहिए।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर विधायकों की मीटिंग हुई। दिल्ली से अजय माकन (बीच में) भी पहुंचे। गहलोत समेत कई विधायक विक्ट्री साइन बनाकर बता रहे हैं कि सियासी संकट में जीत उनकी हुई है।
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