Home World Breaking News Cheap Flights Cheap Hotels Deals & Coupons Cheap Web Hosting Education Notes EBooks Pdf Mock Test FilmyBaap Travel Tips Contact Us Advertising More From Zordo

रामचरित मानस और पंचतंत्र को UNESCO की मान्यता मिली:मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर में शामिल किया गया

1 week ago 15



यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन (UNESCO) ने रामचरित मानस, पंचतंत्र और सह्रदयलोक-लोकन को वैश्विक मान्यता दी है। इन साहित्यिक रचनाओं को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर (MOWCAP) में शामिल किया गया है। द मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड (MoW) इंटरनेशनल एडवाइजरी और एग्जीक्यूटिव बोर्ड की तरफ से रिकमेंड किए गए दस्तावेजों को वैश्विक महत्व और यूनिवर्सल वैल्यू के आधार पर इस लिस्ट में शामिल करता है। रीजनल रजिस्टर में शामिल दस्तावेजों को विश्व स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलती है। साथ ही एक देश की संस्कृति दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। 38 देशों ने दी इन रचनाओं को मान्यता इन रचनाओं को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स (IGNCA) की तरफ से रीजनल रजिस्टर के लिए नामांकित किया गया था। उलनाबटार में MOWCAP की बैठक में इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने वाले IGNCA कला विभाग के HOD प्रोफेसर रमेश चंद्र गौड़ ने बताया कि UNESCO के 38 सदस्य और 40 ऑब्जर्वर देशों ने इन साहित्यिक रचनाओं के वैश्विक महत्व को पहचान कर इन्हें मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय संस्कृति के प्रसार और संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगी। IGNCA की तरफ से पहली बार रीजनल रजिस्टर के लिए आवेदन भेजा गया था। जो दस बैठकों के बाद स्वीकार कर लिया गया। दो संस्कृत और एक अवधी भाषा की रचना संस्कृति मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि रामचरितमानस, पंचतंत्र और सह्रदयलोक-लोकन जैसी रचनाओं ने भारतीय संस्कृति और साहित्य को गहराई से प्रभावित किया है। इन साहित्यिक रचनाओं सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि भारत के बाहर के लोगों पर भी गहरा असर छोड़ा है। यूनेस्को की तरफ से इन रचनाओं को मान्यता मिलना भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के लिए गौरव की बात है। साथ ही यह सम्मान भारतीय संस्कृति के संरक्षण की तरफ नई कदम बढ़ाने में मदद करेगा। रामचरितमानस भगवान राम के चरित्र पर आधारित धार्मिक ग्रंथ है जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने अवधी भाषा में लिखा। पंचतंत्र मूल रूप से संस्कृत भाषा की रचना जिसमें दंत और लोक कथाएं शामिल हैं,इस विष्णु शर्मा ने लिखा है। वहीं सहृदयलोक-लोकन की रचना आचार्य आनन्दवर्धन ने संस्कृत में की थी। ये खबर भी पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट बोला-न्यूज क्लिक फाउंडर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी अवैध, कहा- पुलिस ने आधार नहीं बताया एंटी टेरर लॉ केस में जेल में बंद न्यूज क्लिक के फाउंडर प्रबीर पुरकायस्थ को रिहा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया और रिहाई का आदेश दिया। प्रबीर और न्यूज क्लिक के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती को चीन से फंडिंग के आरोप में पिछले साल 3 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें... मुंबई होर्डिंग हादसा- मलबे में 2 और शव मिले:अब तक 16 मौतें; आरोपी पर 23 क्रिमिनल केस, रेप चार्ज में गिरफ्तार हो चुका मुंबई के घाटकोपर में होर्डिंग गिरने वाली जगह पर बुधवार (15 मई) को लगातार तीसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच मंगलवार (14 मई) की रात मलबे के नीचे दो और शव मिले हैं। NDRF ने बताया कि दो शवों को अभी बाहर नहीं निकाला जा सका है। इसी के साथ मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया है। पूरी खबर पढ़ें...
Read Entire Article