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मोदी की मिमिक्री करने वाले श्याम रंगीला वाराणसी से कैंडिडेट:बोले- भगवंत मान और जेलेंस्की भी पहले कॉमेडियन थे, वे राजनीति में आ सकते हैं तो मैं क्यों नहीं

1 week ago 14



प्रधानमंत्री मोदीजी कहते हैं कि मुझे गंगा मैया ने गोद ले लिया है। मैं कहूंगा कि गंगा मैया ने मुझे भी अपना लिया है। क्या मां अपने बेटों में भेदभाव करती है? मोदीजी वाराणसी में 10 साल रहे। अब मैं रहूंगा, अब मेरी बारी है। मोदीजी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए मैं भी यहीं से चुनाव लड़ रहा हूं। अगर मोदीजी कहीं और खड़े होते तो मैं भी वहां से चुनाव लड़ता। मेरा पूरा करियर खतरे में है। लेकिन फिर भी मैं रुकना नहीं चाहता। मैं देश को बचाने के लिए चुनाव में खड़ा हुआ हूं...ये शब्द हैं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय कैंडिडेट श्याम रंगीला के। जी हां, श्याम रंगीला वहीं कॉमेडियन हैं, जो पीएम मोदी समेत कई नेताओं की बेहतरीन मिमिक्री करते नजर आते हैं। श्याम रंगीला का असली नाम श्याम सुंदर है। मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले श्याम बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ तीखी कॉमेडी के चलते अक्सर चर्चा में रहते हैं। लेकिन अब वे चुनाव में सीधे पीएम मोदी के खिलाफ मैदान में हैं। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने श्याम रंगीला से बातचीत की। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश... सवाल: पीएम मोदी की आवाज निकालना कैसे और कब शुरू किया? जवाब: साल 2014 में जब बीजेपी के पीएम कैंडिडेट के रूप में मोदीजी का कैंपेन शुरू हुआ तो पूरे देश में रोड शो, रैलियां हो रही थीं, सोशल मीडिया पर हर जगह उनके भाषण चल रहे थे। तब मुझे एहसास हुआ कि मैं भी मोदीजी की आवाज निकाल सकता हूं।' अगर मैं उनकी शैली में बोलने की कोशिश करूं तो मैं बिल्कुल उनकी तरह बोल सकता हूं। इसलिए मैंने उन्हीं के अंदाज में बोलने की प्रैक्टिस शुरू कर दी। मुझे लोगों का सपोर्ट भी मिला। अभी मैं मोदीजी के अलावा राहुल गांधी, केजरीवाल और अशोक गहलोत की भी आवाज निकाल लेता हूं। सवाल: कॉमेडी से अचानक राजनीति में आने का विचार कैसे आया? जवाब: अब राजनीति में कॉमेडी और कॉमेडी में राजनीति होने लगी है। तो मुझे लगा कि अब हास्य कलाकारों को राजनीति में आना चाहिए और लोगों को थोड़ा जगाना चाहिए। इसलिए मैंने चुनाव में खड़े होने का फैसला किया। हर चीज की शुरुआत होती है। यह मेरी शुरुआत है। मैंने अभी चुनाव जीतने या राजनीति में करियर बनाने के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल नहीं की है। इसके पीछे का कारण अलग है। मैं लोगों को एक आइडिया देना चाहता हूं, इसलिए चुनाव लड़ रहा हूं। सवाल: चुनाव लड़कर लोगों को किस तरह का आइडिया देना चाहते हैं? जवाब: मैं लोकतंत्र के झंडे को उठाए रखने के बारे में जागरूकता पैदा करना चाहता हूं। लोकतंत्र होने के बावजूद गुजरात के सूरत में लोगों से वोटिंग का अधिकार छीन लिया गया। इंदौर में भी यही हुआ। चंडीगढ़ में भी खुलेआम जो कुछ हो रहा है, वह देश के लिए अच्छा नहीं है। लोगों को अपना नेता चुनने का अधिकार होना चाहिए। मुझे वाराणसी जाकर लोगों को ये सब समझाना है। सवाल: मोदीजी के खिलाफ उम्मीदवारी दाखिल की, तो क्या किसी ने धमकी दी? जवाब: 'नहीं-नहीं, बिल्कुल नहीं। कोई क्यों धमकी देगा? हर किसी को चुनाव लड़ने और अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देने का अधिकार है। मुझसे अभी तक किसी ने कुछ नहीं कहा है, लेकिन अगर कोई कुछ कहेगा तो मैं कड़ा जवाब दूंगा, लेकिन अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लूंगा। सवाल: वाराणसी से और पीएम मोदी के खिलाफ ही क्यों चुनाव लड़ना चाहते हैं? जवाब: इसमें कोई मेरा विशेष सिलेक्शन नहीं है। मोदी जी वहां से चुनाव लड़ रहे हैं तो मैं वहां से चुनाव लड़ रहा हूं। अगर मोदी जी कहीं और खड़े होते तो मैं भी वहां से चुनाव लड़ता। इसके पीछे की वजह ये है कि अब लोग मुझसे पूछेंगे कि ये कॉमेडियन मोदीजी के खिलाफ क्यों लड़ रहा है? तो मैं उन्हें जवाब दे सकता हूं कि हम सभी को लड़ने की जरूरत है? मैं अपनी विचारधारा सबके सामने रख सकता हूं। अगर मुझे सिर्फ चुनाव ही लड़ना होता तो अपने गांव से चुनाव लड़ता। सवाल: लोग मोदी जी की जगह आपको वोट क्यों देंगे? जवाब: मैंने मोदीजी से ही सीखा है। वे बमुश्किल 4 घंटे ही सो पाते हैं, उन्हें आराम भी नहीं मिलता। इस उम्र में अब उन्हें आराम करना चाहिए। तो अब मुझे मौका मिलना चाहिए। यही सोचकर लोग मुझे वोट देंगे। दूसरा कि लोग ये भी जानते हैं कि मैं मोदी जी के सामने खड़ा हुआ हूं तो मुझे कितनी परेशानी होगी। कितना जोखिम होगा? श्याम रंगीला आगे कहते हैं कि मोदी दिल्ली में रहते हैं और उनके पास वाराणसी के लिए समय कहां है? जबकि मैं वाराणसी में ही रहुंगा। वाराणसी के लिए भी समय निकालूंगा। मोदी जी कहते हैं कि मुझे गंगा मैया ने गोद ले लिया है। मैं यह भी कहूंगा कि गंगा मैया ने मुझे भी अपना लिया है। क्या मां अपने दोनों बेटों में भेदभाव करती है? मोदीजी 10 साल रहे, अब मैं रहूंगा। अब मेरी बारी। सवाल: आपके घर में कोई बीजेपी समर्थक नहीं है? जवाब: हां! मेरे घर में सभी लोग और पड़ोसी सभी भाजपा समर्थक थे, लेकिन जब से मैंने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की तो उन्होंने मेरा समर्थन करने की बात कही। सवाल: पीएम मोदी नकल करते हैं। आपको या परिवार को कोई समस्या हुई? जवाब: 'नहीं। न ही मुझे और न ही मेरे परिवार से अभी तक किसी ने कुछ कहा। हां, कई बार मेरे कॉमेडी शो कैंसिल हुए हैं। 2017 में मेरे कई एपिसोड भी टीवी पर प्रसारित नहीं हो सके थे। मैं सोशल मीडिया पर शो करता हूं, तो लोग तरह-तरह के कमेंट करते हैं। हालांकि, मेरे सामने खड़े होकर किसी ने कुछ नहीं कहा। पीएम के खिलाफ चुनाव लड़ने को लेकर आयोजक मेरे आगे के भी शो रद्द कर देंगे। इससे ज्यादा और क्या करेंगे? सवाल: चुनाव लड़ने को पब्लिसिटी स्टंट बताया जा रहा है? जवाब: प्रचार करूंगा तो पब्लिसिटी तो होगी ही! इसमें गलत क्या है? लेकिन लोग सिर्फ प्रचार देखते हैं, इसके पीछे का जोखिम नहीं देखते। मैं अब 20 दिन तक वाराणसी में रहने वाला हूं। उन 20 दिनों में मेरे साथ क्या होगा, कौन जानता है। उन लोगों को समझना चाहिए कि अब मुझ पर कितना खतरा है। सिर्फ शारीरिक जोखिम ही नहीं। मेरा पूरा करियर भी खत्म हो सकता है। हालांकि, मैं रुकना नहीं चाहता। सवाल: बतौर कॉमेडियन चुनावी उम्मीदवार के तौर पर कोई आपको गंभीरता से लेगा? जवाब: पहले नहीं लेते थे, लेकिन अब लेना शुरू कर दिया है। भगवंत मान को देखिए, जो पहले एक हास्य कलाकार थे और अब पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। यूक्रेन के जेलेंस्की को देखें, वह भी एक हास्य अभिनेता थे और अब वह यूक्रेन के राष्ट्रपति हैं और रूस के खिलाफ अपने देश को बचा रहे हैं। सवाल: चुनाव में आपका एजेंडा क्या है? जवाब: मेरा कोई 'एजेंडा' नहीं है क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता। इस चुनाव में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। बहुत कुछ दांव पर है। महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। अबकी बार 400 पार की बात हो रही है, लेकिन 400 के पार क्या ले जाना है... पेट्रोल-डीजल या तेल?, ये समझ नहीं आता। मुझे कोई दिक्कत नहीं है कि मोदी जी 400 सीटें लाएं या 500। लेकिन इसे लोकतंत्र के रास्ते से लाएं, गलत तरीके से लाना गलत है। सवाल: बीजेपी इतने लंबे समय से जीत रही है, आपकी नजर में इसके पीछे की वजह क्या है? जवाब: लोग सिर्फ मोदी के चेहरे पर वोट करते हैं। कोई भी बीजेपी या उम्मीदवार को वोट नहीं देता। लोग ये भी कहते हैं कि मोदी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन, अब मैं आ गया हूं तो लोग मुझे वोट देंगे।
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