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भारत-चीन के बीच लद्दाख के चुशूल सेक्टर में ले. जनरल लेवल की बातचीत जारी, गलवान झड़प के बाद इस स्तर की यह दूसरी बैठक

1 week ago 3
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भारत-चीन में चल रहे तनाव के बीच आज लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की तीसरे राउंड की बातचीत हो रही है। भारत की ओर से 14 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह मौजूद हैं। यह मीटिंग लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चुशूल सेक्टर में भारतीय इलाके में रखी गई है। इसमें पूर्वी लद्दाख की विवाद वाली जगहों से सैनिक हटाने के मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।

दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की इस महीने तीसरी और 15 जून को गलवान में हुई झड़प के बाद दूसरी मीटिंग है। पिछली 2 बैठकों में भी तनाव कम करने और विवादित इलाकों से सैनिक हटाने पर चर्चा हुई थी।

पिछली 2 मीटिंग की डिटेल
पहली मीटिंग
कब हुई:
6 जून
कहां हुई: एलएसी पर चीन की तरफ मोल्डो में।
क्या बात हुई: शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाकर रिश्ते आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। गलवान वैली के पास विवादित इलाकों से धीरे-धीरे सैनिक हटाने पर सहमति बनी।

दूसरी मीटिंग
कब हुई: 22 जून
कहां हुई: एलएसी पर चीन की तरफ मोल्डो में।
क्या बात हुई: भारत ने पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो इलाके से चीनी सैनिकों को हटाने की मांग की। गलवान में हुई हिंसक झड़प पर नाराजगी जताई। भारत ने चीन से मांग रखी कि वह लद्दाख में अपने सैनिकों की संख्या घटाकर उस लेवल पर ले जाए जो अप्रैल में था।

पूर्वी लद्दाख के देपसांग में भी घुसा चीन
चीन एक तरफ बातचीत कर रहा है, दूसरी ओर घुसपैठ से बाज नहीं आ रहा। पिछले हफ्ते रिपोर्ट आई कि चीनी सेना ने देपसांग में एलएसी से 18 किमी अंदर भारतीय इलाके में घुसपैठ की। सैटेलाइट इमेज के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि चीन की सेना भारतीय सीमा में उस जगह के करीब घुस आई, जिसे बॉटलनेक कहा जाता है। यह इलाका रैकी नाला और जीवान नाला नाम से जाना जाता है। इसी इलाके में 2013-14 में भारत और चीन आमने-सामने हुए थे।

राजनाथ सिंह अमेरिकी रक्षा मंत्री से बात करेंगे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर मार्क एस्पर से फोन पर बात करेंगे। इस बातचीत में चीन के मुद्दे पर चर्चा होने के भी आसार हैं।

फ्रांस की रक्षा मंत्री ने भारत आने की इच्छा जताई
फ्रांस कीडिफेंस मिनिस्टर फ्लोरेंस पार्ले ने राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर गलवान के शहीदों के लिए संवेदना जताई। भारत के साथ स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप में उन्होंने एकजुटता कीबात दोहराई। उन्होंने कहा कि आगे की चर्चा के लिए वे भारत आने के लिए भी तैयार हैं।

15 जून को झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे
भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले 7 हफ्ते से तनाव की स्थिति है। इस बीच 15 जून को गलवान वैली में दोनों देशों के सैनिकों में हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चीन के भी 40 सैनिक मारे जाने की रिपोर्ट थी, हालांकि उसने यह कबूला नहीं।

भारत ने लद्दाख में सैनिक बढ़ाए, लड़ाकू विमान भी तैनात
गलवान की घटना के बाद मोदी सरकार ने सेना को फ्री हैंड देने का ऐलान कर दिया था। पिछले 2 हफ्ते में आर्मी ने हजारों जवानों को लद्दाख बॉर्डर पर भेजा है। एयरफोर्स ने भी एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। आर्मी और एयरफोर्स ने पिछले हफ्ते लेह में जॉइंट एक्सरसाइज की। इसमें सुखोई और चिनूक हेलिकॉप्टर जैसे लड़ाकू और ट्रांसपोर्टेशन विमान शामिल हुए। इसका मकसद दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना था। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि गलवान की घटना के लिए पूरी तरह चीन जिम्मेदार है।

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आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें तस्वीर लेह की है। यहां से 200 किमी दूर गलवान में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। इसके चलते लेह-लद्दाख में सेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं। फोटो: उपमिता वाजपेयी
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