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बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए करें सही स्कूल में निवेश

6 months ago 60
Ads By Rclipse

आजकल के इस आधुनिक और विकसित दौर में शिक्षा प्रणाली का बेहतर होना उतना ही जरूरी है जितना जीवन में खाने का महत्व है क्योंकि बेहतर शिक्षा प्रणाली ही बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता बनती है। ऐसे में अपने बच्चों के लिए सही स्कूल का चुनाव करना किसी कड़ी चुनौती से कम नहीं है। जिस प्रकार मार्केट में किसी भी सामान की आपको ढेरों वैरायटी और अलग-अलग ऑफर मिल जाते हैं उसी प्रकार से आजकल शिक्षा के क्षेत्र में भी कम्पटीशन बहुत बढ़ गया है।

ऐसे में अपने बच्चों के लिए सही स्कूल का चयन करना बहुत ही कठिन हो गया है। सभी माता पिता की ये चाहत होती है उसके बच्चे को एक अच्छी शिक्षा मिले ताकि उसका आने वाला भविष्य आज से बेहतर हो सके। ऐसे में हर किसी का ये मानना होता है कि जितना महँगा स्कूल होगा वहाँ उतनी ही अच्छी पढ़ाई होगी। लेकिन ये बात किस हद तक सही है?


क्या महंगे स्कूल ही बेहतर शिक्षा देते हैं?

शिक्षा के क्षेत्र में होते विस्तार के कारण हमारे देश में कई ऐसे हाइफाई स्कूल हैं जिनकी फीस आसमान को छूती है। ऐसे में अगर कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति अपने बच्चों को पढ़ाने के बारे में सोच भी नहीं सकता है। ये जरूरी नहीं की महंगें स्कूल शिक्षा भी अच्छी दें कई बार ये भी देखा जाता है कि नॉर्मल स्कूल से शिक्षित बच्चे अपने भविष्य में कई सफलता हासिल करते हैं।

आइये जानते हैं कि उन टिप्स के बारे में जिनको ध्यान में रखा जाए तो आप अपने बच्चों के लिए एक बेहतर स्कूल का चयन कर सकते हैं।


शिक्षा का उद्देश्य को पहचानना

हर परिवार की आय का अलग अलग स्तर होता है जहां एक तरफ अमीर लोग एवं बड़े व्यापारी होते है उनका उद्देश्य होता है की बच्चा पढ़ कर व्यवसाय में हाथ बढ़ाये। जबकि मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों का उद्देश्य होता है की उनका बच्चा पढ़ लिख कर जॉब की तैयारी करे या कोई प्रोफेशनल कोर्स करे.. अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार अमीरों की नक़ल करके अपने बच्चो को बड़े स्कूलों में एडमिट करवा देते है जहां पर अमीरों के बच्चो में पढ़ने के लिए ज्यादा झुकाव नहीं होता और मध्यमवर्गीय बच्चे भी उनकी देखा देखी में पढाई नहीं करते और अपने करियर में पीछे रह जाते है।

शिक्षकों की अहम भूमिका

हर बच्चे के लिए उसका स्कूल एक तरह से उसका दूसरा घर होता है इसलिए स्कूल के साथ उसके शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि जीवन में शिक्षक की भूमिका माता-पिता के समान होती है ऐसे में अध्यापकों का व्यवहार और बच्चों के प्रति उनका आचरण काफी हद तक बच्चों की ग्रोथ पर निर्भर करता है। वहीं ज्यादा महंगे और हाइफाई स्कूल में ये जरूरी नहीं होता की बच्चों को सही डिसिप्लिन सिखाया जाए।

हैसियत के अनुसार स्कूल का चयन

सभी माता-पिता अपने बच्चों के सफल होने की ख़्वाहिश रखते हैं और उन्हें अपनी क्षमता में उपलब्ध सर्वोत्तम चीजों को प्रदान करने में मदद करते हैं। लेकिनपेरेंट्स को अपने हैसियत के अनुसार ही स्कूल का चयन करना चाइये अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार अपना पेट काटकर अपने बच्चों को बड़े स्कूलों में करवा देते है क्योंकि उनको लगता है की इससे उनका स्टेटस बढ़ेगा। लेकिन वहाँ पर अधिकतर अमीर लोगो के बच्चे पढ़ते है जिनके पास महंगे शोक करने के लिए पैसे और चलने के लिए बड़ी-बड़ी गाड़िया होती है। साथ ही वे घूमने भी विदेशों में जाते है, ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे हीन भावना से ग्रसित हो जाते है और वे अपने आप को वह अपने परिवार को उनसे हीन मान ने लग जाते है। इसके प्रभाव से हमेशा यही सोच-सोच कर अपना सारा समय वह करियर बर्बाद कर लेते है ऐसे में बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ने का कोई फायदा नहीं है जहां उनमेंअपने व अपने परिवार के लिए इस प्रकार की भावना पनपती हो।

ट्यूशन का दौर से बचें

अपने देखा होगा की बड़े स्कूल्ज में बच्चे स्कूल के बाद ट्यूशन भी पढ़ने जाते है जबकि स्कूल वाले लाखों की फीस ले लेते है। अतः स्कूल का चयन हमेशा उसकी बेहतर शिक्षा प्रणाली को देख कर करवाना चाहिए ताकि विद्यार्थी को स्कूल के अलावा ट्यूशन की आवश्यकता न पड़े। स्कूल में इस प्रकार का वातावरण मिले कि वो स्कूल में ही अपनी सही तैयारी कर सके और सभी सवालों के जवाब बेहतर ढंग से प्राप्त कर सके।

पढ़ाई के साथ एक्सट्रा करिक्युलर एक्टिविटीज़

स्कूल में एडमिशन करवाते समय हमेशा ये जरूर देखें कि वहाँ पढ़ाई के साथ बच्चों को एक्सट्रा करिक्युलर एक्टिविटीज़ भी करवाई जाये ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके साथ ही स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा, डिसिप्लिन और संस्कार उनके जीवन में आगे चल कर बहुत काम आते हैं। स्कूल में मिलने वाली शिक्षा बच्चों को बेहतर व्यक्तिव का इंसान बनती है और साथ ही उनमें छुपी खूबियों को उजागर करने में भी मदद करती है।

ज्यादातर पेरेंट्स का मानना है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाएँ अन्य बोर्ड्स के मुक़ाबले कठिन होती हैं। परीक्षा के इसी लेवल को देखते हुए VSI स्कूल अपने छात्रों को कठिन से कठिन परीक्षा के लिए तैयार करता है। पिछले 2 वर्षो में आल इंडिया 1st रैंकर भी राजस्थान बोर्ड के ही विद्यार्थी थे। यही कारण है कि यहाँ के छात्र सभी तरह की राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन दे पाते हैं।

अगर आप भी अपनी बच्चों का एडमिशन एक ऐसे स्कूल में करवाना चाहते हैं जहां आपके बच्चों का पूर्ण विकास हो तो VSI इंटरनेशनल स्कूल आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। आइये जानें ये स्कूल किस तरह से है बेहतर आपके बच्चों के लिए-

VSI स्कूल का प्रबंधन VSI इंस्टिट्यूट के चेयरमैन CA RC शर्मा द्वारा किया जाता है जो CA में हर साल आल इंडिया फर्स्ट रैंक देने के लिए जाने जाते है। उनका प्रयास स्कूल में भी यही रहता है की बच्चो की स्ट्रांग फाउंडेशन तैयार की जाए ताकि वह कम्पटीशन को अच्छे से फेस कर पाए। यहाँ का पढ़ने का तरीका कुछ इस तरह का है की यहाँ के बच्चे को कभी भी ट्यूशन पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती।

VSI इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल को वर्ष 2017 के उभरते स्कूल के रूप में माननीय शिक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। जो ये दर्शाता है कि यहाँ की शिक्षा प्रणाली का निर्माण स्टूडेंट के ग्रोथ और भविष्य को ध्यान में रख कर किया जाता है।

VSI इंटरनेशनल स्कूल सभी प्रमुख सुविधाओं के साथ जयपुर में सबसे अच्छा अंग्रेजी माध्यम स्कूल माना जाता है। जो पूर्ण रूप से एक वातानुकूलित स्कूल है, जिसमें प्ले ग्रुप से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक के छात्र रहते हैं।

अच्छी शिक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षकों के बल पर यहाँ के हर शीर्ष श्रेणी; विज्ञान, वाणिज्य और कला स्ट्रीम में स्टूडेंट्स हर वर्ष शानदार रिजल्ट हासिल करते हैं।

छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हए हर क्षेत्र के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नृत्य, संगीत, गायन, खेल आदि जैसे पाठ्येतर गतिविधियों में बच्चों को निपुण किया जाता है। ताकि भविष्य में चल कर सभी छात्र अपनी पसंद और गुण के हिसाब से अपना करियर चुन सके।

कई वर्षों से भारत को उच्च गुणवत्ता वाले सीए प्रदान करने वाले कोचिंग इंस्टीट्यूट VSI जयपुर प्रबंधन द्वारा इसे प्रबंधित किया जाता है। जो इसकी सफलता के मुख्य कारणों में से एक है।

अगर आप भी अपने बच्चों के लिए एक बेहतर स्कूल कि तलाश में हैं जो बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी तो VSI इंटरनेशनल स्कूल सबसे बेहतर विकल्प हैं। यहाँ पर उपस्थित पोज़ेटिव और भरोसेमंद शिक्षक न केवल बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं बल्कि जीवन के प्रति बच्चों के आचरण को पॉजिटिव रखने में भी मदद करते हैं।

बच्चों के अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हुए शिक्षक द्वारा बच्चों को पॉजिटिव -डिसिप्लिन सिखाया जाता है। जिससे छात्रों को सामाजिक एवं मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जा सके। साथ ही VSI इंटरनेशनल स्कूल में बिना किसी मारपीट व उग्रशीलता के छात्रों को समझाया जाता है ताकि बच्चों के अंदर नकारात्मक-स्वभाव न उत्पन्न हो और वो शालीनता से बातों को समझे। क्योंकि इस तरह का आचरण ही बच्चों को बुलंदी पर ले कर जाता है।

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