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पंजाब पुलिस ने नशा और हथियार सप्लाई गैंग का पर्दाफाश किया, बीएसएफ के सिपाही समेत 3 पकड़े

1 week ago 3

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सीमा के पार नशे और हथियारों की तस्करी करता था। जालंधर देहात पुलिस की तरफ से अंजाम दी गई इस कार्रवाई में तीन लोगों को चाइनामेड पिस्टल, 5 कारतूस और साढ़े 24 लाख रुपए की ड्रगमनी के साथ गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस ने तरनतारन जिले में दो तस्करों समेत पाक सरहद पर तैनात एक बीएसएफ के सिपाही को गिरफ्तार किया है। इसके बाद सरहद पार से नशा और हथियारों की तस्करी के इस रैकेट का खुलासा हुआ है। इसके अलावा पुलिस पुलिस मस्कट ओमान से फरार हुए सरगना सतनाम सिंह उर्फ सत्ता की हवालगी लेने के लिए कार्रवाई कर रही है, जहां वह दो तस्करी के मामलों में भगौड़ा अपराधी घोषित किए जाने के बाद भाग गया था।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुरमेल सिंह, गुरजंट सिंह और राजस्थान के गंगा नगर जिले में रावला मंडी के निवासी बीएसएफ सिपाही राजिंदर प्रसाद के तौर पर हुई है। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने 26 जुलाई को सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया था जो दिल्ली से वरना कार में आ रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनकी कार में से 25 ग्राम हेरोइन बरामद की। पूछताछ करने पर दोनों ने अपनी पहचान सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के तौर पर बताई। और पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरमेल के पास से .30 बोर पिस्तौल समेत 5 जिंदा कारतूस और 35 ग्राम हेरोइन बरामद की।

सत्ता हीरोइन और हथियारों की तस्करी था करता
जांच के दौरान दोनों मुलजिमों ने यह भी खुलासा किया कि वह तरन तारन जिले के गांव नारली के रहने वाले सरहद पार के तस्कर सतनाम सिंह उर्फ सत्ता के साथ काम करते थे, जोकि हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए पाक आधारित तस्करों के साथ नज़दीकी रूप से जुड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीएसएफ का सिपाही राजेंद्र प्रसाद भी तस्करी रैकेट का हिस्सा था। बीएसएफ कांस्टेबल तरन तारन जिले के गांव छीना में एक सरहदी चौकी में तैनात था। उन्होंने बीएसएफ और राजस्थान में डीजीपी बीएसएफ और डीजीपी राजस्थान के साथ संपर्क किया और आरोपी बीएसएफ सिपाही की गिरफ्तारी को यकीनी बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग भी लिया। उसे 28 जुलाई को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो रावला मंडी स्थित अपने आवास पर अपनी छुट्टी काटकर रहा था।
नशा तस्करी के लिए रैकेट में करता था भर्ती
राजेंद्र ने बताया कि उसको सतनाम सिंह उर्फ सत्ता द्वारा नशा तस्करी के रैकेट में भर्ती किया गया था, जिसने अपने बॉर्डर पोस्ट के द्वारा हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में मदद के बदले उसको पैसे देने का वादा किया था। फिर उसने मई में 17 किलोग्राम हेरोइन और 2 विदेशी पिस्तौल लेने में गिरोह की मदद की।

इस बार फिर सतनाम सिंह ने राजेंद्र प्रसाद, सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के साथ मिलकर अपने पाक आधारित हैंडलर से हेरोइन और हथियारों की एक और खेप लेनी थी। सतनाम सिंह उर्फ सत्ता ने इस खेप की रसीद और प्रबंधन के लिए राजेंद्र प्रसाद को 5 लाख रुपए और एक मोबाइल फोन पहले दिया था। डीजीपी ने बताया कि 24.5 लाख रुपए में से 15 लाख रुपए सतनाम सिंह के आवास से, 5 लाख रुपए बीएसएफ के कॉन्स्टेबल से और 4.5 लाख रुपए गुरजंट सिंह के पास से बरामद किए गए हैं।



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