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चक दे इंडिया गाने के कई वर्जन बनाए थे सलीम-सुलेमान ने, सब हो गए थे रिजेक्ट, फिर ऐसे बना गाना...

1 month ago 41

'द कपिल शर्मा शो' में इस वीकेंड मशहूर संगीतकार जोड़ी सलीम मर्चेंट-सुलेमान मर्चेंट के साथ स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाएगा। सेट को जश्न के हिसाब से सजाया गया। वहीं इस संगीतकार जोड़ी ने कपिल शर्मा के साथ बातचीत में कुछ यादगार गानों के बारे में भी बताया। सलीम-सुलेमान 'चक दे इंडिया' गाने पर परफॉर्म करते हुए मंच पर आए।

कपिल ने बताया कि कैसे यह गाना किसी भी जीत की स्थिति में एक आम आदमी की भावनाओं को दर्शाता है। यह न सिर्फ लोगों का हौसला बढ़ाता है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी दिल को छू जाता है। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने यह गाना कैसे तैयार किया तो सुलेमान ने बताया, 'इस गाने की शुरुआत फिल्म के नाम पर ही थी। जब हमने स्क्रिप्ट सुनी तो हमने महसूस किया कि इसमें एक प्रभावशाली देशभक्ति गीत की जरूरत है। इसलिए हमने काफी गहराई से इस गाने पर काम किया, लेकिन प्रोड्यूसर्स को यह गाना पसंद नहीं आया। उन्हें लगा कि ये गाना इसमें फिट नहीं हो पा रहा है। इसके बाद हमने इस गाने के करीब 7-8 वर्जन बना दिए।'

चक दे इंडिया गाने के कई वर्जन बनाए थे सलीम-सुलेमान ने, सब हो गए थे रिजेक्ट, फिर ऐसे बना गाना...

सलीम ने बताया कि,'हमने जो दूसरा वर्जन बनाया था, वो बहुत दमदार था, जिसमें बहुत सारी बीट्स थी और इस पर हमने बहुत काम किया था। लेकिन इसमें वो भावना नहीं थी। हमने जितने भी वर्जन बनाए, वो सारे रद्द हो गए। तब मैंने सुलेमान से कहा कि हम यह फिल्म नहीं करते हैं। मैंने महसूस किया कि यदि हम इस फिल्म के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे तो फिर हमें यह फिल्म नहीं करनी चाहिए। उसी वक्त सुलेमान ने मुझसे कहा,'कोशिश करते हैं, कुछ करते हैं और इस तरह 'कुछ करिए... कुछ करिए' बन गया।

आगे उन्होंने कहा, 'हमने उसी वक्त इस फिल्म के लेखक जयदीप साहनी से संपर्क किया, जिन्होंने इस लाइन से हमारी मदद की- 'कुछ करिए... कुछ करिए... नस नस मेरी खोले'। उसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया! 'चक दे इंडिया' सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक ऐसी भावना है, जो लोगों को प्रेरित करती है और उन्हें गर्व से भर देती है!'

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